संत तुलसीदास जी की आरती

✦

श्री तुलसीदास जी की आरती

जय तुलसीदास गोसाई, भक्तन के दुख हरनाई।

राम भक्ति के सागर तुम, रामायण रचनाई॥

जय जय तुलसीदास जी, जय राम के दास।

हरि कृपा से रचित तुमने, मानस महान उदास॥

रामचरित के गायक तुम, भक्ति भाव के धाम।

हनुमान चालीसा रच, दिया विश्व को नाम॥

जय जय तुलसीदास जी, जय राम के दास।

काशी में बसकर तुमने, राम भक्ति प्रचार।

संतन के हृदय बसत, तुम राम के प्यार॥

जय जय तुलसीदास जी, जय राम के दास।

विनय पत्रिका लिख तुमने, हरि चरणन में ध्यान।

भक्तन को मार्ग दिखाया, प्रभु राम का सम्मान॥

जय जय तुलसीदास जी, जय राम के दास।

आरती तुम्हारी गाऊँ, तुलसीदास महान।

राम कृपा सदा बनी रहे, भक्तन के कल्याण॥

जय जय तुलसीदास जी, जय राम के दास।