श्री सत्यनारायण भगवान की आरती
✦
जय लक्ष्मी रमणा, श्री जय लक्ष्मी रमणा।
सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥
जय लक्ष्मी रमणा...॥
रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर छत्र बिराजे।
नारद करत निरंतर, भक्तन के सजे॥
जय लक्ष्मी रमणा...॥
लक्ष्मी जी के संग विराजे, भक्तन के सुखकारी।
पान सुपारी अरु मेवा, भोग लगावे न्यारी॥
जय लक्ष्मी रमणा...॥
गंगा जल तुलसी मंजरी, सेवत सकल समाज।
सत्यनारायण भगवान की, जयति सदा सदा साज॥
जय लक्ष्मी रमणा...॥
जो कोई नर आरती गावे, सुख समृद्धि पावे।
सत्यनारायण स्वामी की, महिमा नित्य बखान॥
जय लक्ष्मी रमणा...॥