जय नवग्रह देवा आरती

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जय जय नवग्रह देवा

जय जय नवग्रह देवा।

सुख, शांति, समृद्धि दाता, भक्तों के संकट हरेवा॥

जय जय नवग्रह देवा।

सूर्य देव तेज प्रकाशी, जग के आधार तुम्हारी।

ज्ञान, बल, यश, कीर्ति दाता, दूर करो तम अंधियारी॥

जय जय नवग्रह देवा।

चंद्रमा शीतल स्वरूपा, मन को शांति प्रदानो।

भक्ति, भक्ति, करुणा सिंधु, भव सागर से तारणो॥

जय जय नवग्रह देवा।

मंगल मूरति शुभकारी, विघ्न विनाशक बलवाना।

रक्षा करो भक्त जनों की, होवे सदा कल्याणा॥

जय जय नवग्रह देवा।

बुधदेव तुम बुद्धि दाता, विद्या, वाणी के स्वामी।

चंचल मन को स्थिर करो, बनें कार्य सारे सामी॥

जय जय नवग्रह देवा।

गुरु बृहस्पति ज्ञान सागर, धर्म मार्ग के रखवाले।

सत्य, तप, और साधना से, जीवन को सफल बनाले॥

जय जय नवग्रह देवा।

शुक्रदेव सुख समृद्धि के, कला, सौंदर्य के दानी।

प्रेम, ऐश्वर्य, भोग प्रदाता, करो कृपा नित्य बखानी॥

जय जय नवग्रह देवा।

शनिदेव तुम न्यायकारी, कर्मों का फल देनेवाले।

दुख, दरिद्र, पाप हरो, भक्तों को सुख पहुँचाले॥

जय जय नवग्रह देवा।

राहु-केतु ग्रहण निवारक, माया, भ्रम को हरनेवाले।

सन्मार्ग पर चलाये हमको, जीवन को सुखमय बनाले॥

जय जय नवग्रह देवा।

नवग्रह तुम नित्य कृपालु, भक्तों के रक्षक प्यारे।

चरणों में शीश नवाये, करो कृपा अपरंपारे॥

जय जय नवग्रह देवा।