नवरात्रे में क्या करें कि माँ दुर्गा और भगवान प्रसन्न हों?
Siddharth Jain · 24 Sept 2025
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नवरात्रे केवल व्रत और पूजा का समय नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना और आत्मशुद्धि का पर्व है।
यदि सही विधि और श्रद्धा से पूजा की जाए, तो माँ दुर्गा और भगवान दोनों प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।
नवरात्रे में क्या करना चाहिए?
कलश स्थापना और संकल्प
पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश (घट) स्थापना करें।
जल, नारियल, आम के पत्ते और अक्षत से कलश को सजाएँ।
संकल्प लें कि नौ दिनों तक मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहेंगे।
माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा
हर दिन माता दुर्गा के एक स्वरूप की आराधना करें।
फूल, धूप, दीप और भोग अर्पित करें।
दुर्गा सप्तशती, देवी कवच या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
उपवास और सात्विकता
नवरात्रों में सात्विक आहार अपनाएँ।
मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन जैसी तामसिक वस्तुओं से दूर रहें।
फलाहार या एक समय भोजन कर सकते हैं।
जौ और अखंड ज्योति
मिट्टी में जौ बोएँ और माता को अर्पित करें।
घर में अखंड ज्योति (घी का दीपक) जलाना शुभ माना जाता है।
कन्या पूजन
अष्टमी या नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराना और उपहार देना सबसे बड़ा पुण्य है।
माना जाता है कि इसमें माँ दुर्गा स्वयं प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं।
दान-पुण्य और सेवा
जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करें।
गौ-सेवा, पीपल/तुलसी पूजन और ब्राह्मण भोजन भी शुभ फलदायी है।
भगवान और माता क्यों प्रसन्न होते हैं?
क्योंकि इन दिनों भक्त मन से शुद्ध होकर पूजा करते हैं।
जब हम दूसरों की मदद, दान और सेवा करते हैं तो ईश्वर को प्रसन्नता होती है।
नवरात्रों का सार यही है कि हम अपने जीवन से बुराइयों को दूर करें और अच्छाई को अपनाएँ।
निष्कर्ष
नवरात्रे में भगवान और माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सच्ची निष्ठा, सेवा और सात्विकता जरूरी है।
कलश स्थापना करें
भक्ति-भाव से पाठ करें
कन्याओं और जरूरतमंदों की सेवा करें
यही वे कार्य हैं जो ईश्वर को प्रसन्न करते हैं और भक्त को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं।