मंगलवार को हनुमान जी की पूजा क्यों की जाती है और यह परंपरा कैसे शुरू हुई?
Siddharth Jain · 2 Sept 2025
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मंगलवार और हनुमान जी का संबंध
मंगलवार का संबंध ज्योतिष में मंगल ग्रह से है। मंगल को शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण इस दिन वीरता और पराक्रम के देवता हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि हनुमान जी मंगल दोष से मुक्ति दिलाते हैं और भक्त को भय, रोग और शत्रु से बचाते हैं।
हनुमान जी की पूजा मंगलवार को क्यों?
मंगल ग्रह का प्रभाव – ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या कर्ज, वैवाहिक समस्या और स्वास्थ्य संबंधी बाधाएँ होती हैं, वे मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करके लाभ पाते हैं।
हनुमान जी की शक्ति और पराक्रम – हनुमान जी का पूरा जीवन साहस, पराक्रम और भक्ति का आदर्श है। मंगलवार को उनकी पूजा करने से मनोबल बढ़ता है और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।
संकटमोचन स्वरूप – हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। मंगलवार को उनका स्मरण करने से जीवन के संकट और बाधाएँ दूर होती हैं।
शास्त्रीय मान्यता – ग्रंथों में उल्लेख है कि भगवान राम की सेवा में हनुमान जी ने अपने पराक्रम का सबसे अधिक प्रदर्शन मंगलवार को किया था। इस कारण इस दिन को हनुमान उपासना के लिए पवित्र माना गया।
यह परंपरा कैसे शुरू हुई?
प्राचीन काल में साधु-संतों और ऋषियों ने मंगल दोष से मुक्ति के लिए मंगलवार को हनुमान उपासना का विधान बताया।
धीरे-धीरे यह परंपरा लोकमानस में स्थापित हो गई और भक्तों ने मंगलवार को हनुमान जी का व्रत और पूजा करना शुरू किया।
कई पुराणों और लोककथाओं में उल्लेख मिलता है कि जो व्यक्ति मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करता है, उसके सभी भय और संकट दूर होते हैं।
मंगलवार का व्रत और पूजा विधि
प्रातः स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाएँ।
हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, गेंदा फूल और लाल वस्त्र अर्पित करें।
हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करें।
मंगलवार को ब्रह्मचर्य का पालन करने और सात्विक आहार लेने की विशेष मान्यता है।
निष्कर्ष
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन की उपासना मंगल ग्रह की अशुभता को दूर करती है, जीवन में साहस और शक्ति का संचार करती है और सभी संकटों का निवारण करती है। यही कारण है कि करोड़ों भक्त मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा और व्रत करते हैं।