ब्रह्मा जी की मूर्तियाँ कम क्यों हैं और उनके प्रमुख मंदिर कहाँ हैं?

Siddharth Jain · 26 Aug 2025

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हिंदू धर्म में भगवान ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता माना जाता है। वे त्रिदेवों में प्रथम हैं—ब्रह्मा (सृष्टि), विष्णु (पालन) और महेश (संहार)। इसके बावजूद, आश्चर्य की बात है कि भारत और दुनिया में ब्रह्मा जी के बहुत कम मंदिर और मूर्तियाँ मिलती हैं। ब्रह्मा जी की मूर्तियाँ कम क्यों हैं? पुराणों में वर्णित कारण कथा है कि एक बार भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ। तब भगवान शिव ने अनादि और अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट होकर परीक्षा ली। विष्णु जी ने अपनी सीमा स्वीकार कर ली। ब्रह्मा जी ने असत्य कहा कि वे शिवलिंग का अंत देख आए हैं। इस झूठ के कारण ब्रह्मा जी को श्राप मिला कि उनकी पूजा पृथ्वी पर बहुत सीमित होगी। लोक आस्था का कारण ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचयिता तो माना गया, लेकिन पालन और संहार का कार्य अधिक प्रत्यक्ष और अनुभवजन्य है। इसलिए भक्त विष्णु और शिव की पूजा अधिक करने लगे। धार्मिक मान्यता कुछ परंपराओं के अनुसार, ब्रह्मा जी की आराधना केवल सृष्टि निर्माण के समय होती है, इसलिए उनकी मूर्तियाँ कम बनाई गईं। ब्रह्मा जी के प्रमुख मंदिर और स्थान हालाँकि बहुत कम, लेकिन भारत और विदेशों में कुछ स्थानों पर ब्रह्मा जी के प्रसिद्ध मंदिर हैं: पुष्कर, राजस्थान (भारत) सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर यहीं है। इसे "जगत्तपिता ब्रह्मा मंदिर" कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ बड़ा मेला लगता है। सोमनाथ, गुजरात (भारत) सोमनाथ मंदिर परिसर में भी ब्रह्मा जी की प्रतिमा मिलती है। खजुराहो, मध्य प्रदेश यहाँ एक प्राचीन ब्रह्मा मंदिर स्थित है, जो अपने शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। त्र्यम्बकेश्वर, नासिक (महाराष्ट्र) यहाँ भी ब्रह्मा जी की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। ब्रह्मा मंदिर, करनाल (हरियाणा) यहाँ भी ब्रह्मा जी की पूजा होती है। थाईलैंड और इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में कई मंदिरों में ब्रह्मा जी की प्रतिमाएँ मिलती हैं। बैंकॉक का "एरावन श्राइन" विशेष रूप से प्रसिद्ध है। निष्कर्ष ब्रह्मा जी सृष्टि के रचयिता हैं, लेकिन उनकी पूजा सीमित रूप से ही होती है। इसके पीछे धार्मिक कथाएँ, श्राप की मान्यताएँ और लोक परंपराएँ जिम्मेदार मानी जाती हैं। फिर भी, पुष्कर और कुछ अन्य स्थानों पर उनके मंदिर आज भी आस्था और श्रद्धा का केंद्र बने हुए हैं।