बड़ी दिवाली कैसे मनानी चाहिए और इसका क्या महत्व है
Siddharth Jain · 21 Oct 2025
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बड़ी दिवाली या मुख्य दीपावली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार है। यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान विष्णु और देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। दिवाली को अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है।
बड़ी दिवाली क्यों मनाई जाती है:
पुराणों के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन पर अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से सजाकर उनका स्वागत किया था। तभी से इस दिन दीप जलाने की परंपरा शुरू हुई।
एक अन्य मान्यता के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं, इसलिए यह दिन लक्ष्मी पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
बड़ी दिवाली की तैयारी:
दिवाली से पहले घर की पूरी सफाई और सजावट की जाती है ताकि सकारात्मक ऊर्जा का आगमन हो सके। दीवारों, दरवाजों और आंगन में रंगोली बनाई जाती है।
मुख्य द्वार पर तोरण और बंदनवार लगाए जाते हैं, जो सुख और समृद्धि का प्रतीक हैं।
पूजन विधि:
पूजा का समय: संध्या के समय प्रदोष काल में पूजा सबसे शुभ मानी जाती है।
देवता: माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, देवी सरस्वती और भगवान कुबेर की पूजा करें।
सामग्री: गंगाजल, अक्षत, पुष्प, दीप, धूप, मिठाई, चावल, पीतल या चाँदी का बर्तन, और नए सिक्के रखें।
विधि:
सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें।
फिर माता लक्ष्मी और कुबेर जी की आराधना करें।
पूजा के समय “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” और “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्रों का जाप करें।
अंत में आरती कर दीपक जलाएं और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें।
क्या करना चाहिए:
घर के प्रत्येक कोने में दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
रात को दीप जलाकर लक्ष्मी जी के स्वागत के लिए दरवाजे खुले रखें।
जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या धन का दान करें।
परिवार के साथ लक्ष्मी-गणेश की आरती करें और एकता का भाव बनाए रखें।
क्या नहीं करना चाहिए:
पूजा के दिन क्रोध, झगड़ा या नकारात्मक बातें न करें।
तामसिक भोजन, शराब या मांस का सेवन वर्जित है।
घर के दीपक आधी रात से पहले न बुझाएं।
अमावस्या की रात घर में कूड़ा या गंदगी न छोड़ें।
बड़ी दिवाली का महत्व:
दिवाली केवल दीपक जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि यह आत्मिक प्रकाश का प्रतीक है। यह दिन हमें सिखाता है कि जीवन में सच्चा धन केवल पैसा नहीं, बल्कि प्रेम, शांति और संतोष है।
माता लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता का वास होता है।
बड़ी दिवाली हर व्यक्ति को नया आरंभ करने और अपने जीवन में उजाला फैलाने की प्रेरणा देती है।